akveriyam se bagay chamakana

अक्वेरियम से भाग्य चमकाएं – वास्तु के अनुसार सज्जा – akveriyam se bagay chamakana – vastu ke anusaar sajja

अक्वेरियम केवल घर की आंतरिक सज्जा का साधन नहीं है। यह घर में सकारात्मक उर्जा का भी संचार करती है। चीन के वास्तु विज्ञान ने इस तथ्य को जाना और घर में सकारात्मक उर्जा और भाग्य वृद्धि के लिए अक्वेरियम का प्रयोग किया जाने लगा।

फेंगशुई मछलियों को भाग्य का प्रतीक माना जाता है। इनका घर में होना भाग्य को बल प्रदान करता है। ऐसी मान्यता है कि फेंगशुई मछलियां किसी भी खतरे को पहले ही भांप लेती हैं। अगर कोई समस्या आने वाली होती है तो मछलियों के व्यवहार में अचानक परिवर्तन आ जाता है।

अक्वेरियम में रखने के लिए अखना, फ्लोवर हार्न, ड्रैगन कार्प तथा गोल्ड फिश को शुभ माना गया है। अखना मछली लाल, सुनहरी, सिल्वर और हरे रंग में पायी जाती है। यह भाग्य के साथ उत्तम स्वास्थ्य, उन्नति, प्रसन्नता धन और शक्ति का प्रतीक होती है। घर में मौजूद कई प्रकार के वास्तु दोष को दूर करने में अखना मछली कारगर होती है।

फ्लोवर हार्न मछली अपने चारों तरफ ऐसा माहौल उत्पन्न करती हैं कि अवसाद से पीड़ित व्यक्ति भी सहज महसूस करने लगता है। इस मछली के ऊपर छोटे-छोटे काले धब्बे होते हैं जो यह उन्नति और धन का प्रतीक माने जाते हैं।

ड्रैगन कार्प मछली में धारा के विरूद्घ बहने की क्षमता होती है। यह मछली कठिनाई में डटे रहने का गुण प्रदान करता है। यह महत्वाकांक्षा को पूरा करने वाली मछली मानी जाती है।

गोल्ड फिश मछली सकारात्मक उर्जा के लिए श्रेष्ठ होती है। इसके साथ एक ब्लैक फिश जरूर रखना चाहिए यह भाग्य की बाधा को दूर करने में सहायक होता है।

अक्वेरियम से भाग्य चमकाएं – akveriyam se bagay chamakana – वास्तु के अनुसार सज्जा – vastu ke anusaar sajja

 

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