toilet ka shauchalay ka vastu

टायलेट व शौचालय का वास्तु – ऑफिस का वास्तु – toilet ka shauchalay ka vastu – office ka vastu

वास्तुअनुसार ऑफिस का टायलेट व शौचालय
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर या शौचालय की गलत और सही दिशाओं का उस जगह के लोगों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इसीलिए टॉयलेट और शौचालय के वास्तु को ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है. आइये जानते है ऑफिस के शौचालय से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु टिप्स| भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार ऑफिस का टायलेट व शौचालय के लिए वायव्य कोण तथा दक्षिण दिशा के मध्य या नैऋत्य कोण व पश्चिम दिशा के मध्य स्थान को सर्वोपरि रखना चाहिए। शौचालय में सीट इस प्रकार हो कि उस पर बैठते समय आपका मुख दक्षिण या उत्तर की ओर होना चाहिए। शौचालय को कभी भी पूर्व या उत्तर की दीवार से सटा हुआ नहीं होना चाहिए। शौचालय का काम विसर्जन का है। अगर सहयोग और बैंकिंग के जोन उत्तर-पश्चिम में शौचालय है तो आपको समाज के लोगों से मदद मिलने में दिक्कत होती है। पूर्व जोन में बना शौचालय सामाजिक रिश्ते को विसर्जित करता है आत्मविश्वास, शारीरिक मजबूती में कमी और नौकरी करने के लिए मोटिवेशन में कमी का कारण बनता है दक्षिण-दक्षिण-पूर्व जोन में बना शौचालय। ”

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