mantro se upaay

मंत्रों से उपाय – लाल किताब के रामबाण उपाय – mantro se upaay – lal kitab ke ramban upay

आकर्षण शक्ति बढ़ाता है 5 अक्षर का यह मंत्र

* आकर्षण मंत्र 1

– ॐ हुं ॐ हुं ह्रीं।

* आकर्षण मंत्र 2

– ॐ ह्रों ह्रीं ह्रां नम:।

इन मंत्रों के जाप से लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

1. ओम् लक्ष्मी वं, श्री कमला धरं स्वाहा।
इस मंत्र की सिद्धि 1 लाख 20 हजार मंत्र जाप से होती है। इसका शुभारंभ वैशाख मास में स्वाती नक्षत्र में करें, तो उत्तम रहेगा। जाप के बाद हवन भी जरूर करें।

2. ओम् सचि्चदा एकी ब्रह्म हीं सचि्चदीक्रीं ब्रह्म
इस मंत्र के 1 लाख जाप से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

3. ओम् ह्वीं ह्वीं ह्वीं श्रीं श्रीं श्रीं क्रीं क्रीं क्रीं स्थिरां स्थिरां ओं।
इसकी सिद्धि 110 मंत्र नित्य जपने से 41 दिनों में संपन्न होती है। माला मोती की और आसन काले मृग का होना चाहिए। साधना कांचनी वृक्ष के नीचे करनी चाहिए।

4. ओम् नमो ह्वीं श्रीं क्रीं श्रीं क्लीं क्लीं
श्रीं लक्ष्मी ममगृहे धनं चिन्ता दूरं करोति स्वाहा।
प्रात:काल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर 1 माला (108 मंत्र) का नित्य जाप करें तो लक्ष्मी की सिद्धि होती है।

5. ओम् नमो पद्मावती पद्यनतने लक्ष्मीदायिनी वांछ भूत प्रेत
विन्ध्यवासिनी सर्व शत्रुसंहारिणीदुर्जन मोहिनी ऋद्धि सिद्धि
वृद्धि कुरू-कुरू स्वाहा। ओम् नम: क्लीं श्रीं पद्मावत्यै नम:।
इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए साधना के समय लाल वस्त्रों का प्रयोग करना चाहिए। इसका शुभारंभ शनिवार या रविवार से कर सकते हैं। 108 बार नित्यप्रति जाप करें। इस साधना को 22 दिन तक निरंतर करना चाहिए। तभी लक्ष्मीजी की कृपा प्राप्त होती है।

6. ओम् नमो पद्मावतीर पद्मनेत्र बज्र बज्रांकुश प्रत्यक्षं भवति।
इस मंत्र की सिद्धि के लिए लगातार 21 दिन तक साधना करनी होती है। साधना के समय मिट्टी का दीपक बनाकर जलाएं। जाप के लिए मिट्टी के मनकों की माला बनाएं और नित्यप्रति एक माला अर्थात 108 मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जाए तो लक्ष्मी देवी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं।

7. ओम् नम: भगवते पद्मपद्मात्य ओम् पूर्वाय दक्षिणाय
पश्चिमाय उत्तराय अन्नपूर्ण स्थ सर्व जन वश्यं करोति स्वाहा।
प्रात:काल स्नानादि सभी कार्यो से निवृत्त होकर 108 मंत्र का जाप करें। इससे व्यापार की परिस्थितियां अनुकूल हो जाएंगी और हानि के स्थान पर लाभ की दृष्टि होने लगेगी।

8. ओम् नम: भगवती पद्मावती सर्वजन मोहिनी सर्वकार्य वरदायिनी
मम विकट संकटहारिणी मम मनोरथ पूरणी मम शोक विनाशिनी नम: पद्मावत्यै नम:।
इस मंत्र की सिद्धि करने के बाद मंत्र का प्रयोग किया जाए तो नौकरी या व्यापार की व्यवस्था हो जाती है। धूप दीप आदि से पूजन करके प्रात:काल, दोपहर और सांयकाल तीनों समय में एक-एक माला का मंत्र जाप करें।

संतानप्रदायक गणेश मंत्र

श्री गणेश मंत्र का श्रद्धा के साथ 108 बार पाठ करना संतानप्रदायक माना गया है।

नमोस्तु गणनाथाय सिद्धिबुद्धि युताय च
सर्व प्रदाय देहाय पुत्र वृद्धि प्रदाय च
गुरुदराय गरबे गोपुत्रे गुह्यासिताय ते
गोप्याय गोपिता शेष भुवनाय चिदात्मने
विश्व मूलाय भव्याय विश्व सृष्टि कराय ते
नमो नमस्ते सत्याय सत्यपूर्णाय शुंडिने
एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः
प्रपन्न जन पालाय प्रणतार्ति विनाशिने
शरणंभव देवेश संततिं सुदृढ़ां कुरु
भविष्यंति च ये पुत्रा मत्कुले गणनायकः
ते सर्वे तव पूजार्थं निरताः स्युर्वरोमतः
पुत्र प्रदं इदंस्तोत्रं सर्वसिद्धिप्रदायकम।

हर परीक्षा में सफलता के लिए सरल हनुमान मंत्र

‘बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन-कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।’

यात्रा को सफल बनाए बजरंगबली का यह मंत्र

यदि आप या आपका कोई अपना किसी महत्वपूर्ण कार्य हेतु यात्रा पर जा रहा है, तो यात्रा की सफलता के लिए निम्न मंत्र का जाप करें…

मंत्र :- रामलखन कौशिक सहित, सुमिरहु करहु पयान। लच्छि लाभ लौ जगत यश, मंगल सगुन प्रमान।।
मंत्र :- प्रविसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कौसल पुर राजा।।

जिस स्थान की यात्रा करनी हो, वहां पहुंचते ही उक्त मंत्र सात बार बोलें, उस स्थान से लाभ प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।

अधिक प्रभाव के लिए ग्रहण काल, हनुमान जयंती, रामनवमी, होली, दीपावली या नवरात्रि के अवसर पर उक्त मंत्र का हनुमानजी के मंदिर में एक हजार आठ (1008) बार जप करके उसे सिद्ध कर लें। फिर जब भी यात्रा पर जाएं, यह मंत्र सात बार बोलकर घर से निकलें। सफलता प्राप्त होगी।

आजीवन सुरक्षित रखेगा यह विशेष हनुमान मंत्र

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय
विश्वरूपाय अमित विक्रमाय
प्रकटपराक्रमाय महाबलाय
सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।।

यहां बताए गए इस विशेष हनुमान मंत्र के स्मरण करने से जीवन संकटमुक्त रहने की कामनासिद्धि के साथ मंगलकारी भी साबित होगा।

प्रेम बढाने के लिए मंत्र

सव नर करहिं परस्पर प्रीति।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति॥

निंदा से निवृत्ति के लिए मंत्र

राम कृपा अबरेव सुधारी।
बिबुध धरि भइ गुनद गोहारी॥

विद्या प्राप्ति के लिए मंत्र

गुरू गृह पढ़न गये रघुराई।
अल्प काल विद्या सब आई॥

कन्या को मनोवांछित वर के लिए मंत्र

जै जै जै गिरिराज किशोरी।
जय महेश मुख चन्द्र चकोरी॥

परीक्षा में पास होने के लिए मंत्र

जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी ।
कवि उर अजिर नवावहिं बानी ॥

मोरि सुधारिहि सो सब भाँती ।
जासुकृपा नहिं कृपा अघाती ॥

खोई हुई वस्तु पुन: प्राप्त करने के लिये मंत्र

गई बहोर गरीब नेबाजू।
सरल सबल साहिब रघुराजू॥

जीविका प्राप्ति के लिये मंत्र

विस्व भरन पोषन कर जोई।
ताकर नाम भरत अस होई॥

दरिद्रता दूर करने के लिये मंत्र

अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के ।
कामद धन दारिद द्वारिके॥

लक्ष्मी प्राप्ति करने के लिये मंत्र

जिमि सरिता सागद महुं नाहीं।
जघपि ताहि कामना नाहीं॥

तिमि सुख सम्पति विनहिं बोलाएं।
धरमसील पहिं जाहिं सुभाएं॥

ऋद्धि सिद्धि प्राप्त करने के लिये मंत्र

साधक नाम जपहिं लय लाएं।
होंहि सिद्ध अनि मादक पाएं॥

पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र

प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान।
सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान॥

दुकान की बिक्री बढ़ाने हेतु मंत्र

आप मेहनत कर रहे हैं दुकान में पूरा सामान है परन्तु बिक्री नही हो रही हो अपनी दुकान में लक्ष्मी जी का चित्र लगाकर उनके आगे धूप व दीप जलाकर प्रणाम करें प्रणाम करके 108 बार

ॐ नम:कमलवासिन्यै स्वाहा
मंत्र का जाप करने के बाद अपना कार्य आरंभ करें या दुकानदारी शुरू करें.
कारोबार में वृद्धि होगी, ग्राहक आने लगेंगे और काम भी बढ़ेगा.

भय से मुक्ति मंत्र

हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी !
हे ! हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी !!

ग्रह पीड़ा-नक्षत्र दोष दूर करने का मंत्र

नारायणं सर्वकालं क्षुत प्रस्खलनादिषु ।
ग्रह नक्षत्र पीडाषु देव बाधाषु सर्वतः ।।

मुकदमें में विजय का मंत्र

हे चक्रधर !
हे चक्रपाणि !!
हे चक्रायुधधारी !!!

दुख विनाशक मंत्र

1. ॐ अनन्ताय नमः ।
2. ॐ गोविन्दाय नमः ।

सम्पत्ति प्राप्ति मंत्र

आयुर्देहि धनं देहि विद्यां देहि महेश्वरि ।
समस्तमखिलां देहि देहि मे परमेश्वरि ।।

सफ़लता प्राप्ति मंत्र

कृष्ण कृष्ण महायोगिन्
भक्तानाम भयंकर
गोविन्द परमानन्द सर्व मे वश्यमानय ।।

स्वास्थ्य प्राप्ति मंत्र

अच्युतानन्द गोविन्द
नामोच्चारण भेषजात ।

नश्यन्ति सकला रोगाः
सत्यंसत्यं वदाम्यहम् ।।

संकट में रक्षा का उपाय मंत्र

संकट में रक्षा का उपाय मंत्र

मंत्रः-
“पाहि पाहि रघुबीर गोसाईं ।
यह खल खाई काल की नाईं ।।”

मंत्र की प्रयोग विधि और लाभः-
रुद्राक्ष की माला पर पूर्वाभिमुख होकर इस मंत्र के १००० जप करें ।
इस मंत्र के प्रयोग से संकट में रक्षा होती है ।

सामाजिक यश (सुख) का मंत्र

सामाजिक यश (सुख) का मंत्र

मंत्रः-
“सुनि समुझहिं जन मुदित,
मन मज्जहिं अति अनुराग ।
लहहीं चारि फल अछथ,
तनु साधु समाज प्रयाग ।।”

मंत्र की प्रयोग विधि और लाभः-
प्रतिदिन स्फटिक की माला पर १००० मंत्रों का जप करें । इस क्रिया को ९० दिन तक करें और ९१वें दिन कोढ़ियों को खिचड़ी खिलायें ।
इस मंत्र के प्रयोग से देह का सुख, साधुओं की कृपा, समाज का सहयोग तथा प्रयाग स्नान का फल प्राप्त होता है ।

विश्वव्यापी विपत्तियों के नाश के लिये मंत्र

देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य।

प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥

अर्थ :- शरणागत की पीडा दूर करनेवाली देवि! हमपर प्रसन्न होओ। सम्पूर्ण जगत् की माता! प्रसन्न होओ। विश्वेश्वरि! विश्व की रक्षा करो। देवि! तुम्हीं चराचर जगत् की अधीश्वरी हो।

सुन्दर पत्नी पाने के लिए मंत्र

सुन्दर पत्नी पाने या जिन बॉय की सादी नही हो रही है उनके लिए माँ दुर्गा की फोटो के आगे बेथ जाये उनका ध्यान करे और इस मंत्र का १०८ बार जाप करे

पत्नीम मनोरमा देहि मनोवीतरानुसारिनि तारिनिम दुर्ग संसार सागरस्य कुलोध्भवाम

इस मंत्र का जाप करे और कमाल देखे

क़र्ज़ से बचने क लिए मंत्र

यह एक अचूक मंत्र जिसके परभाव से आप ऋण मुक्त हो जायेगे . जरूर अजमा के देखिएगा अगर आप कर्ज से परेसान है तो.
इस मंत्र का जाप ७ सोमवार भगवान संकर के मंदिर मैं बैठकर साम को करना है.

ओम ऋणमुकतेसराय नमह सिवाय

सच्चे प्यार करने वालो के लिए मंत्र

मंत्र सच्चे प्यार करने वालो के लिए है .जो किसी से सच्चा प्यार करते है .उन्हें अपने जीवन साथी बनाना चाहते है ये उनके लिए है .सोमवार को माँ पार्वती को हरी चुरी ,सिन्दूर अर्पित करे.जिसे जीवन साथी बनाना है उसके लिए माँ पार्वती से मन ही मन आग्रह करे और १०८ बार इस मंत्र का जाप करे|

ओम पाम पिम पुम पार्वती पुरना नमह ऐसा ७ सोमबार करे

स्टूडेंट्स के लिए मंत्र

यह मंत्र उन स्टूडेंट के लिए है जिनका बुक्स मैं; परने मैं मन ही नही लगता.कुछ याद करते है तो तुरंत भूल जाते है.इन स्टूडेंट को चाहिए की वो परने के पहले माँ सरस्वती का ध्यान कर इस मंत्र का ७ बार उच्चारण कर परने बेठे.

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्सीथा
नम्त्स्ये नम्त्स्ये नम्त्स्ये नमो नमह

कॉन्फिडेंट के लिए मंत्र

ओम जय जय श्री नरसिंह

ये उपाय किसी भी सुकल पक्ष के सोमवार से स्टार्ट करे .बस आपको केवल इस बहुत ही आसान मंत्र का रोज ११ बार जाप करना है

ज्ञान प्राप्ति के लिए मंत्र

छिति जल पावक गगन समीरा।
पंच रचित अति अधम सरीरा ॥

मंत्रों से उपाय – mantra se upaay – लाल किताब के रामबाण उपाय

 

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