खराब ग्रह उपाय

Vish yog ke lakshan

Vish yog ke lakshan – विष योग क्या है और कब बनता है

विष योग क्या है? Vish yog ke lakshan : कुंडली में शुभ और अशुभ योग बहुत महत्वपूर्ण हैं। यदि कुंडली में कुछ शुभ योग बन रहे हैं तो व्यक्ति को जीवन में सुख और समृद्धि प्राप्त होती है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अशुभ योग बन रहा है तो व्यक्ति के जीवन में कई परेशानियां और …

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shukra ke upay by pawan sinha

Shukra ke upay by Pawan Sinha – शुक्र के उपाय

Shukra ke upay by Pawan Sinha – शुक्र के उपाय – ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। कुंडली में शुक्र के मजबूत होने से व्यक्ति को भौतिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ अद्भुत सौंदर्य भी प्राप्त होता है। शुक्र ग्रह को धन और ऐश्वर्य से जुड़ा ग्रह माना जाता है। …

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apna-grah-dosh-svayam-pehchane

अपना ग्रह दोष स्वयं पहचाने Grah ko majboot karne ke upay

अपना ग्रह दोष स्वयं पहचाने : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आकाश विभाजन के भीतर ग्रहों का प्रभाव विशेषता को प्रभावित करता है । नागरिकों, जानवरों, पक्षियों, वनस्पति, और प्रत्येक जीवित निर्जीव ग्रहों का एक ईमानदार और बुरा प्रभाव के अधिकारी को देखा जाता है । Lal Kitab in Hindi कुंडली के भीतर मुद्रित ग्रह और …

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कर्क लग्न और कष्ट निवारक उपाय

कर्क लग्न और कष्ट निवारक उपाय – Kark rashi

कर्क लग्न और कष्ट निवारक उपाय : लग्न पर चंद्रमा के प्रभाव के कारण आप बहुत संवेदनशील हैं। कैंसर आरोही, जो एक जल तत्व है, इसलिए, जिस तरह पानी आपके लिए अपना रास्ता बनाता है, उसी तरह, कर्क आरोही के लोग भी अपना काम करते हैं। चर लग्न है, इसलिए निरंतर कार्य करना आपका स्वभाव …

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know your better future from planets

ग्रहों से जानें अपना बेहतर भविष्य – खराब ग्रह उपाय | Know your better future from planets – kharab grah upaay

  • लग्नेश उच्च का हो या स्वराशिस्थ हो या मित्र राशि का होकर लग्न द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम, नवम, दशम, एकादश भाव में शुरू होगा। षष्ठ या अष्टम, द्वादश में न हो तो अच्छा है। • द्वितीयेश द्वितीय में स्वराशिस्थ हो या उच्च का हो या मित्र राशि का हो तो उस जातक को …

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planetary-high,-low-enemy-friendly-position

ग्रहों की उच्च, नीच शत्रु-मैत्री स्थिति – खराब ग्रह उपाय | Planetary high, low enemy-friendly position – kharab grah upaay

भारतीय ज्योतिष में 9 ग्रह बताए गए हैं। इसमें 2 छाया ग्रह हैं। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ग्रह हैं जो आकाशीय मंडल में दृष्टमान हैं। राहु-केतु छाया ग्रह हैं, जो ग्रह नहीं हैं क्योंकि ये आकाशीय मंडल में दिखाई नहीं देते हैं। मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि ये ग्रह समय-समय पर उदय, …

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luck will increase if lagnesh is in mars 9th

लग्नेश मंगल नवम में हो तो भाग्यवृद्धि – खराब ग्रह उपाय | Luck will increase if Lagnesh is in Mars 9th – kharab grah upaay

  मंगल एक ऐसा ग्रह है, जहाँ जीवन की तलाश की जा रही है। नासा ने मंगल पर अपना ग्रह छोड़ा व कई महत्वपूर्ण जान‍कारियाँ हासिल की हैं। हमारे पूर्वज मुनियों ने पहले से उसके रंग को जान लिया था वही उन्होंने (वैज्ञानिकों ने) बताया कि मंगल लाल ग्रह है। मंगल जन्म पत्रिका में शुभ …

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fruit of dasha mahadasha

दशा-महादशाओं का फल – खराब ग्रह उपाय | Fruit of dasha-mahadasha – kharab grah upaay

  ज्योतिष में अष्टोत्तरी और विंशोत्तरी दो प्रकार की महादशाएँ मान्य हैं। अष्टोत्तरी अर्थात 108 वर्षों में सारे ग्रहों की दशाएँ समाप्त होती हैं तथा विंशोत्तरी अर्थात 120 वर्ष में सारे ग्रहों की दशाएँ समाप्त होती हैं। आजकल विंशोत्तरी महादशा प्रणाली ही गणना में है। इसके अनुसार प्रत्येक ग्रह की दशाओं की अवधि अलग-अलग होती …

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planetary yoga changes and remedies

ग्रह योग परिवर्तन और उपाय – खराब ग्रह उपाय | Planetary yoga changes and remedies – kharab grah upaay

  ग्रहों की स्थिति के प्रतिकूल परिणामों को कम करने के लिए शास्त्रों में शांति के कर्म का विधान है। इससे परिस्थिति में परिवर्तन होने की संभावना बनती है। राशि के अनुसार यह कार्य करने से लाभ प्राप्ति के योग अवश्य बनेंगे। मेष वर्तमान समय में मंगल, राहु व बुध आपकी राशि से प्रतिकूल हैं। …

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rahu makes clever politicians

राहु बनाता है चतुर राजनेता – खराब ग्रह उपाय | Rahu makes clever politicians – kharab grah upaay

  राजनीति एक ऐसा क्षेत्र बनता जा रहा है, जहाँ कम परिश्रम में भरपूर पैसा व प्रसिद्ध‍ि दोनों ही प्राप्त होते हैं। ढेरों सुख-सुविधाएँ अलग से मिलती ही है। और मजा ये कि इसमें प्रवेश के लिए किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की भी जरूरत नहीं होती। राजनीति में जाने के लिए भी कुंडली में कुछ …

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